शिवहर में मकर संक्रांति के दही-चूड़ा भोज से गरमाया सियासी माहौल

शिवहर में मकर संक्रांति के दही-चूड़ा भोज से गरमाया सियासी माहौल

शिवहर, 15 जनवरी: शिवहर में मकर संक्रांति के मौके पर आयोजित दही-चूड़ा भोज ने जिले की सियासत को नई धार दी है। पूर्व सांसद और भाजपा नेत्री रामा देवी द्वारा भाजपा कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के बड़े नेताओं, कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी ने इसे चर्चा का केंद्र बना दिया। भोज का आयोजन न केवल सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए संभावित रणनीतियों और गुटबाजी के संकेत भी दिए।

सामाजिक समरसता और राजनीतिक उद्देश्य

पूर्व सांसद रामा देवी ने कहा, "मकर संक्रांति का पर्व भाईचारे और समानता का प्रतीक है। इस अवसर पर हम सभी वर्गों को एकजुट करने का प्रयास करते हैं। यह परंपरा वर्षों पुरानी है, जिसमें दूर-दूर से कार्यकर्ता और नेता शामिल होते हैं।"
भोज में पिछड़े, अति पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के साथ-साथ भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। यह आयोजन भाजपा की "सभी को साथ लेकर चलने" की नीति को दर्शाता है।
राजनीतिक दिग्गजों की भागीदारी

दही-चूड़ा भोज में शिवहर और आसपास के क्षेत्रों के कई दिग्गज नेताओं ने शिरकत की। इनमें पूर्व विधायक ठाकुर रत्नाकर राणा, भाजपा जिला अध्यक्ष नीरज कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष डॉ. नूतन माला सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष संजीव कुमार पांडे और मधुबन विधायक राणा रणधीर सिंह प्रमुख थे।
इसके अलावा भाजपा महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष सुनैना देवी, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष संजय कुमार गुप्ता और पैक्स अध्यक्ष रविंद्र तिवारी जैसे अन्य नेता भी उपस्थित रहे।
क्या चुनावी रणनीति का संकेत ?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस भोज के जरिए रामा देवी ने अपनी सक्रियता का संदेश दिया है। भोज में विभिन्न स्तरों के नेताओं की भागीदारी से यह स्पष्ट है कि भाजपा शिवहर में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
साथ ही, इस आयोजन ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी के भीतर रणनीतियों और गुटबाजी की अटकलों को बल दिया है।
सियासी खिचड़ी की तैयारी ?

इस भोज में सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों का जिस तरह से संतुलन साधा गया, उससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या रामा देवी विधानसभा चुनावों में कोई अहम भूमिका निभाने जा रही हैं। भोज में स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति इस बात का संकेत देती है कि पार्टी आने वाले समय में शिवहर को विशेष महत्व देने वाली है।
कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण:

1. पूर्व सांसद की सक्रियता: रामा देवी का आयोजन भाजपा में उनकी सक्रियता को दर्शाता है।

2. नेताओं की उपस्थिति: भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसमें हिस्सा लिया।

3. चुनावी संकेत: आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच एकजुटता का संदेश।
मकर संक्रांति के इस भोज ने न केवल सामाजिक समरसता को बढ़ावा दिया, बल्कि जिले में भाजपा की राजनीतिक सक्रियता को भी रेखांकित किया। यह आयोजन पार्टी के भीतर एकता और आगामी चुनावी रणनीतियों की झलक देता है। शिवहर की राजनीति में इस भोज के दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

तिरहुत लाइव संवाददाता राकेश चौधरी की रिपोर्ट

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