चमनपुर पंचायत में विकास की नई इबारत: मुखिया मुकेश कुमार सिंह ने पंचायत सरकार भवन के लिए दान की 30 डिसमिल जमीन
चमनपुर पंचायत में विकास की नई इबारत: मुखिया मुकेश कुमार सिंह ने पंचायत सरकार भवन के लिए दान की 30 डिसमिल जमीन
शिवहर, चमनपुर: पंचायत के विकास और जनता की सेवा को सर्वोपरि मानते हुए चमनपुर पंचायत के मुखिया मुकेश कुमार सिंह ने अपनी 30 डिसमिल जमीन पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए दान कर एक मिसाल पेश की है। यह जमीन लगभग 55 लाख रुपये मूल्य की है, जिसे उन्होंने राज्यपाल के नाम रजिस्ट्री कराई।
इस मौके पर उन्होंने कहा, "मेरा उद्देश्य है कि पंचायत की जनता को हर समस्या का समाधान उनके पंचायत क्षेत्र में ही मिले। इसी सोच के साथ मैंने यह जमीन रजिस्ट्री की है।"
समर्पण और सेवा की अनूठी मिसाल
मुखिया मुकेश कुमार सिंह और उनके बड़े भाई, शिक्षक दिलीप कुमार सिंह, पहले भी कई बार समाजसेवा और पंचायत के विकास में योगदान देते आए हैं। दिलीप कुमार सिंह ने इससे पहले वार्ड नंबर 3 में उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के लिए तीन कट्ठा जमीन दान की थी। इसके अलावा, बायोगैस प्लांट और मंदिर निर्माण जैसे प्रकल्पों के लिए भी जमीन और धनराशि का योगदान दिया गया है।
गरीबों की मदद में हमेशा अग्रणी
मुखिया परिवार पंचायत के गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए हमेशा खड़ा रहता है। किसी की मृत्यु होने पर 5000 रुपये नगद और गरीब परिवार की बेटियों की शादी में भी 5000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
जनता का गर्मजोशी से स्वागत
जमीन दान करने की घोषणा के बाद, पंचायत के सैकड़ों लोगों ने चमनपुर चौक पर उनका फूल-मालाओं से स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकालकर मुखिया मुकेश कुमार सिंह को उनके घर तक ले जाया गया। इस दौरान लोग "हमारा मुखिया कैसा हो, मुकेश कुमार सिंह जैसा हो" के नारे लगाते रहे।
पंचायत के लिए बड़ी उपलब्धि
यह कदम न केवल पंचायत सरकार भवन के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि चमनपुर पंचायत को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने में भी मदद करेगा। पंचायत के लोगों ने मुखिया और उनके परिवार को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया और इसे समाज के लिए प्रेरणा बताया।
मुखिया मुकेश कुमार सिंह का यह योगदान पंचायत विकास और समाजसेवा में नए आयाम जोड़ता है। उनकी इस पहल से न केवल पंचायत के प्रशासनिक कार्य सुगम होंगे, बल्कि यह ग्रामीण विकास का एक उदाहरण भी बनेगा।
तिरहुत लाइव संवाददाता राकेश चौधरी की रिपोर्ट
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