पंजाब के कपूरथला से मुक्त हुए 30 बंधुआ मजदूर, सीतामढ़ी पुलिस और बचपन बचाओ आंदोलन का सफल अभियान
पंजाब के कपूरथला से मुक्त हुए 30 बंधुआ मजदूर, सीतामढ़ी पुलिस और बचपन बचाओ आंदोलन का सफल अभियान
मुजफ्फरपुर: पंजाब के कपूरथला जिले के आलू फॉर्म से 30 बंधुआ मजदूरों को नव वर्ष के दिन रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत मुक्त करवाया गया। इन मजदूरों में सीतामढ़ी जिले के 22 और नेपाल के 8 लोग शामिल थे। यह कार्रवाई सीतामढ़ी पुलिस, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (बचपन बचाओ आंदोलन) और पंजाब पुलिस के संयुक्त प्रयास से की गई।
बंधुआ मजदूरी का दर्द: 16-18 घंटे काम और अमानवीय व्यवहार
सोनबरसा प्रखंड के कचहरीपुर गांव निवासी बिगन राय और उसके भाई जिनिश राय ने सुरसंड प्रखंड के मेघपुर गांव के मजदूरों को अच्छी मजदूरी का लालच देकर पंजाब ले जाया। इन मजदूरों को कपूरथला जिले के पहलवान आलू फॉर्म में बंधक बनाकर 16-18 घंटे तक मजदूरी कराई जा रही थी। उन्हें न तो मजदूरी दी गई और न ही घर लौटने की अनुमति। घर वापसी की मांग करने पर उन्हें बेरहमी से पीटा गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन: चार महीने बाद लौटी मुस्कान
सीतामढ़ी डीएम रिची पांडेय और डीएसपी सह नोडल अधिकारी विशेष किशोर पुलिस इकाई मोहम्मद नजीब अनवर के निर्देश पर पुलिस टीम ने बाल कल्याण पुलिस अधिकारी रश्मि कुमारी के नेतृत्व में पंजाब में ऑपरेशन चलाया। बचपन बचाओ आंदोलन के वरिष्ठ केंद्रीय निदेशक मनीष शर्मा और बिहार टीम के वरिष्ठ प्रोजेक्ट अधिकारी मुकुंद कुमार चौधरी ने परिवारजनों और पुलिस का सहयोग कर मजदूरों को छुड़ाने में अहम भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सक्रियता
मामले में आयोग ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए कपूरथला के एसएसपी को पत्र लिखकर मजदूरों को मुक्त करने का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस और बचपन बचाओ आंदोलन की टीम ने 11 नाबालिग और 19 वयस्क मजदूरों को मुक्त कराया।
मुक्ति के बाद घर वापसी
मुक्त मजदूरों को सीतामढ़ी पुलिस और बचपन बचाओ आंदोलन की टीम ने सुरक्षित उनके घर पहुंचाया। मुजफ्फरपुर में श्रम संसाधन विभाग ने मजदूरों का स्वागत किया। मजदूरों की घर वापसी से उनके परिवारों में चार महीने बाद खुशी लौटी।
संबंधित मामले में सोनबरसा थाना और महिला थाना में बिगन राय और जिनिश राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी।
सीतामढ़ी डीएम रिची पांडेय, पुलिस टीम, और बचपन बचाओ आंदोलन के प्रयासों की स्थानीय स्तर पर खूब सराहना हो रही है। यह ऑपरेशन बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी के खिलाफ एक बड़ा कदम साबित हुआ है।
यह घटना बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी के गंभीर पहलुओं को उजागर करती है। ऐसे मामलों में जागरूकता और त्वरित कार्रवाई की जरूरत है।
तिरहुत लाइव मुजफ्फरपुर ब्यूरो चीफ राजीव मिश्रा की रिपोर्ट
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