शिवहर : 232 बोतल नेपाली शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार, ई-रिक्शा में छुपाकर कर रहा था तस्करी
शिवहर : 232 बोतल नेपाली शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार, ई-रिक्शा में छुपाकर कर रहा था तस्करी
शिवहर: बिहार में लागू शराबबंदी के बावजूद तस्कर नए साल के मौके पर शराब की मांग को देखते हुए भारी मात्रा में अवैध शराब का स्टॉक तैयार कर रहे हैं। इसी क्रम में शिवहर जिले में मध निषेध विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पिपराही थाना क्षेत्र के डूबा पुल के पास से 232 बोतल नेपाली शराब के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। यह शराब ई-रिक्शा में छिपाकर ले जाई जा रही थी।
मध निषेध अधीक्षक रणधीर कुमार सिंह के निर्देश पर चलाई गई इस कार्रवाई में मध निषेध सहायक अवर निरीक्षक ओम प्रकाश यादव ने नेतृत्व किया। गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई डूबा घाट पुल के पास वाहन चेकिंग अभियान के दौरान की गई।
मद निषेध इंस्पेक्टर हरिलाल राम ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए तस्कर की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के चिरैया थाना क्षेत्र के सुंदरपुर निवासी कपिलदेव पासवान के पुत्र राजेश पासवान के रूप में हुई है। राजेश पासवान नेपाली शराब को ई-रिक्शा में छिपाकर शिवहर की ओर ले जा रहा था।
चेकिंग अभियान में हुई सफलता
वाहन चेकिंग के दौरान ई-रिक्शा को रोकने पर शराब की बोतलें बरामद हुईं। 232 बोतलों में नेपाली शराब की बड़ी खेप थी, जिसे तस्कर स्थानीय बाजार में बेचने की फिराक में था।
राज्य में लागू शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। खासतौर पर नए साल जैसे मौकों पर तस्कर सक्रिय हो जाते हैं और तरह-तरह के तरीकों से अवैध शराब की सप्लाई करने की कोशिश करते हैं।
मध निषेध विभाग ने तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा है कि शिवहर जिले में अवैध शराब की तस्करी को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। गिरफ्तार तस्कर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, और उससे जुड़े अन्य तस्करों की पहचान के लिए जांच जारी है।
जिला प्रशासन ने शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। इस अभियान से शराब माफियाओं के मंसूबों पर एक बार फिर पानी फिरा है।
यह कार्रवाई मध निषेध विभाग और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी का परिणाम है, जो शिवहर जिले में शराब तस्करों के लिए एक कड़ा संदेश है। स्थानीय जनता ने भी विभाग की इस कार्रवाई की सराहना की है।
तिरहुत लाइव ब्यूरो चीफ नीतेश गिरी की रिपोर्ट
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